Hit and Run New Law Pdf


Hit and Run New Law Pdf

हाल ही में भारत सरकार ने वाहन अधिनियम में कुछ बदलाव किए गए हैं| यह बदलाव Hit and Run New Law Pdf अच्छे से समझाए हुए हैं| यदि आप इन्हें पढ़ना चाहते हो तो इसे यहां से डाउनलोड कर सकते हो|

Hit and Run का मतलब होता है कि कोई व्यक्ति तेज गाड़ी चला कर, किसी की संपत्ति या स्वयं को नुकसान पहुंचा कर भाग जाता है| और ऐसी दुर्घटनाओं की संख्या हाल ही में लगातार बढ़ती जा रही है| भारत सरकार की न्याय संहिता 104 में हिट एंड रन केस में यह जिक्र किया गया है कि यदि कोई ड्राइवर किसी को हिट करके नुकसान पहुंचता है तो उसे 10 साल की सजा का प्रावधान है|

हाल ही में केंद्र सरकार ने Hit & Run केस में कुछ बड़े बदलाव किए हैं| जिसके चलते पूरे देश में आंदोलन और बवाल चल रहे हैं| पूरे देश के ट्रक ड्राइवर, इस नए केस में बदलाव की मांग कर रहे हैं| उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत लगभग सभी राज्यों के ड्राइवर हड़ताल पर बैठ गए हैं| इसके बाद केंद्र सरकार ने ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट के साथ मीटिंग की| जिसमें कुछ आश्वासन के बाद, इस हड़ताल को खत्म करने का निर्णय लिया गया|

Hit and Run New Law in Hindi Pdf फाइल नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके, डाउनलोड कर सकते हो| इसके अलावा इस लेख में आज हम यह चर्चा करेंगे की hit and run new law in hindi kya hota hai? इसमें नया क्या बदलाव आया है? पहले क्या नियम थे? नए नियमों की क्यों जरूरत पड़ी? और इसके चलते सरकार का क्या रुख है? इन सभी बातों की हम आज इस लेख में विस्तार से चर्चा करके आपको बताएंगे|

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यहां पर आप इस पीडीएफ को डाउनलोड कर सकते हो या फिर आप यहां पर इसे पढ़ भी सकते हो|

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What is Hit and Run Law in Hindi

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इसका मतलब यह होता है कि तेज रफ्तार से गाड़ी चलाकर किसी दूसरे व्यक्ति को या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और उसके बाद वहां से भाग जाना| इसके चलते ऐसे दोषियों को पकड़ पाना बहुत मुश्किल हो जाता है| क्योंकि उनके खिलाफ कोई सबूत और गवाह नहीं मिल पाता है|

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New Rules For Driver Accident in Hindi

हाल ही में भारत सरकार ने संसद में तीन नए नियमों में से एक यह भी है| इसमें भारत सरकार के न्याय संहिता 104 में कुछ बदलाव किए गए हैं| इसके चलते हित और रन केस में लापरवाही से किसी की मौत के कारण उस दोषी कोदंडात्मक सजा का प्रावधान किया गया है| इसके साथ ही 10 साल की जेल भी हो सकती है| और साथ ही दोषी को जुर्माना भी भरना पड़ सकता है|

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धारा 104(1) के अनुसार कोई भी व्यक्ति यदि बिना सोचे समझे या फिर लापरवाही के कारण ऐसा कार्य करें, जिससे कि अगले वाले व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो वह हत्या की श्रेणी में नहीं आता है| उसे किसी निश्चित समय के लिए जेल से दंडित किया जाएगा और यह समय 5 वर्षों तक बढ़ाया भी जा सकता है| इसके अलावा उसे पर जुर्माना भी लगाया जाएगा|

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धारा 104(2) के अनुसार कोई भी व्यक्ति यदि कोई वाहन चलाकर लापरवाही के कारण किसी दूसरे व्यक्ति की मृत्यु का कारण बन जाता है तो वह गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में सम्मिलित हो जाता है और घटना के तुरंत बाद वह भाग जाता है| और इसके बारे में पुलिस थाने में या फिर न्यायालय में इसकी सूचना भी नहीं देता है| ऐसे दोषी को किसी भी निश्चित समय के लिए जेल में दंडित किया जाएगा और इस जेल अवधि को 10 साल तक बढ़ाया भी जा सकता है| साथ ही उसे अलग से जुर्माना भी देना होगा|

हिट एंड रन का, पहले का कानून

भारतीय दंड संहिता के अनुसार हिट एंड रन के मामले विशेष रूप से दंडनीय नहीं है| और इन मामलों में धारा 279, 304 ए और 338 सम्मिलित होती है|

धारा 279 के अनुसार चालक की लापरवाही और दंड का प्रावधान दिया हुआ है| इसमें यह बताया गया है कि यदि कोई चालक किसी भी सार्वजनिक स्थान पर तेजी से और लापरवाही से अपनी गाड़ी चलाता है जिससे मानव जीवन को खतरा हो सकता है या फिर किसी व्यक्ति को चोट लग सकती है तो उसे दंडित किया जाएगा साथ ही उसकी जेल की सजा को 6 महीने तक बढ़ाया जा सकता है| और उसे पर ₹1000 का जुर्माना भी लगाया जा सकता है|

धारा 304 ए के अनुसार चालक की लापरवाही से मौत हो जाने पर सजा का प्रावधान है| इसके तहत यदि पीड़ित की मौत हो जाती है तो वह हत्या की श्रेणी में नहीं आता है| उसे या तो 2 साल की जय हो सकती है या फिर जुर्माना और या फिर दोनों ही सजा हो सकती है|

धारा 338 के अनुसार यदि किसी चालक की लापरवाही के कारण, पीड़ित की मृत्यु नहीं होती है लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो जाता है| तो इस स्थिति में चालक को 2 साल की कैद और साथ ही उसे जुर्माना भी देना होगा|

इसके अलावा अन्य नियम

मोटर वाहन अधिनियम 1988 में भी हिट एंड रन के मामलों को शामिल किया गया है| इन मामलों में धारा 161, 134 ए और 134 भी लागू होती है|

धारा 161 के अनुसार पीड़ित को मुआवजे का प्रावधान है| इसके अनुसार यदि पीड़ित की मृत्यु हो जाती है तो 25000 का मुआवजा और यदि गंभीर चोट लग जाती है तो 12500 का मुआवजा देना होता है|

धारा 134 ए के अनुसार, पीड़ित को तुरंत चिकित्सा के पास ले जाना होता है और उसकी चिकित्सकीय सहायता करनी होती है|

धारा 134 बी के अनुसार ड्राइवर को जल्द से जल्द पुलिस थाने में दुर्घटना की रिपोर्ट देनी होती है नहीं तो चालक को दंडित किया जाएगा|

नए नियमों की क्यों आवश्यकता पड़ी?

हिट एंड रन के ज्यादातर केसों में पुलिस को पर्याप्त मात्रा में सबूत प्राप्त नहीं होते हैं| और इन्हीं सबूत की कमी के कारण दोषी को पकड़ पाना मुश्किल हो जाता है| और वह किसी भी व्यक्ति को हिट करके रन कर जाता है| और ऐसे में आसपास के गवाह भी केस के चक्र के कारण, गवाही नहीं देते हैं| इसलिए केंद्र सरकार को नए नियम की आवश्यकता पड़ी|

ड्राइवर विरोध क्यों कर रहे हैं?

नए नियम के अनुसार, देश के सभी चालकों को यह लगता है कि यह नियम उनके खिलाफ बनाया गया है| और यदि नए नियम के अनुसार, वह किसी पीड़ित की मदद करने जाते हैं तो वहां पर मौजूद भीड़ का गुस्सा, उन पर भारी पड़ जाता है| और कभी-कभी वहां पर मौजूद भीड़ उनको पीठ भी सकती है| हाल ही में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष अमृतलाल मदन ने यह दावा किया है कि इस संशोधन से पहले जिम्मेदार व्यक्तियों से सुझाव लेनी चाहिए थे| इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बिना किसी जांच पड़ताल के बड़े वाहनों के ड्राइवर को दोषी बना देती है|

हिट एंड रन केस पर सरकार का क्या रुख है?

हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी ने संसद में यह बताया है कि सरकार उन लोगों के लिए कठोर दंड का प्रावधान कर रही है जो सड़क दुर्घटना के बाद मौका मिलते ही भाग जाते हैं, और वहां पर पीड़ित को मरनेके लिए छोड़ देते हैं| इसके अलावा केंद्रीय गृहमंत्री ने यह भी बताया कि जो ड्राइवर खुद से घायल को अस्पताल ले जाएगा तो उनके प्रति उदारता रखी जाएगी| लेकिन भारतीय दंड संहिता में ऐसा कुछ भी प्रावधान नहीं है|

अंत में एक बार सड़क परिवहन मंत्रालय के आंकड़ों पर नजर डालते हैं तो देश में लगातार हिट एंड रन मुकदमे लगातार बढ़ते जा रहे हैं| जहां 2020 में कुल ₹52448 मामले सामने आए थे वहीं 2021 में यह मामले बढ़कर 57415 हो गए हैं| और इन मामलों में लगभग 25938 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा|

इन्हीं आंकड़ों को नजर में रखते हुए केंद्र सरकार ने पीड़ितों के हित में यह नया कानून पारित किया है| इस नए कानून के बारे में आप लोगों की क्या राय है, आप हमें यहां कमेंट करके बता सकते हैं|

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